खाटू श्याम जी
दर्शन और आरती का समय

रोज़ की आरती समय-सारणी, विशेष दिनों का समय और अच्छे दर्शन के लिए सुझाव।

Read this page in English

एक नज़र में
खुलने का समय: सुबह 5:30 (मंगला आरती)  |  बंद होने का समय: रात लगभग 9:00 (शयन आरती)  |  प्रवेश: निःशुल्क
जयपुर से रास्ता देखें
रोज़ की आरती

रोज़ पाँच आरती

नीचे दिया गया समय सामान्य दिनों का है। एकादशी, पूर्णिमा, जन्माष्टमी और फाल्गुन मेले में दर्शन का समय बढ़ जाता है। जाने से पहले स्थानीय स्तर पर समय ज़रूर पूछ लें।

समय
आरती
पहर

मंगला आरती

दिन की पहली और सबसे शुभ आरती। इसी समय मंदिर के पट खुलते हैं।

सुबह

श्रृंगार आरती

बाबा श्याम का नए वस्त्र और आभूषणों से श्रृंगार होता है। भक्त चुनरी और फूल चढ़ाते हैं।

सुबह

भोग आरती

दोपहर का भोग लगता है। भोग के समय दर्शन थोड़ी देर रुक सकते हैं, फिर दोबारा शुरू हो जाते हैं।

दोपहर

संध्या आरती

दीप और धूप के साथ शाम की आरती।

शाम

शयन आरती

दिन की आख़िरी आरती। इसके बाद मंदिर रात के लिए बंद हो जाता है।

रात
⚠️ ध्यान दें: गर्मी और सर्दी में समय 30–45 मिनट तक आगे-पीछे हो जाता है। फाल्गुन मेले और बड़े त्योहारों पर मंदिर रात भर खुला रहता है। यात्रा के दिन मंदिर या किसी स्थानीय भक्त से समय की पुष्टि ज़रूर करें।

विशेष दिनों का समय

एकादशी
दर्शन का समय बढ़ा हुआ, विशेष अभिषेक
पूर्णिमा
रात्रि जागरण और भजन
जन्माष्टमी
24 घंटे दर्शन
फाल्गुन मेला
रात भर दर्शन
फाल्गुन एकादशी
सबसे ज़्यादा भीड़, बहुत जल्दी पहुँचें
सोमवार से शुक्रवार की सुबह
सबसे कम भीड़, परिवार के लिए अच्छा समय

दर्शन के लिए सुझाव

🌅

जल्दी पहुँचें

मंगला आरती के लिए सुबह 5:00 बजे तक पहुँचने पर कतार छोटी मिलती है और दर्शन आराम से होते हैं।

👗

सादे कपड़े पहनें

पारंपरिक या सादे कपड़े पहनें। जूते-चप्पल मंदिर के प्रवेश द्वार पर उतारने होते हैं।

📵

अंदर फ़ोन नहीं

गर्भगृह में मोबाइल और कैमरा ले जाना मना है। पास के लॉकर का इस्तेमाल करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

खाटू श्याम मंदिर कितने बजे खुलता है?

सामान्य दिनों में मंदिर सुबह लगभग 5:30 बजे मंगला आरती के साथ खुलता है।

खाटू श्याम मंदिर कितने बजे बंद होता है?

मंदिर रात लगभग 9:00 बजे शयन आरती के बाद बंद होता है। मौसम और त्योहार के अनुसार समय बदल सकता है।

खाटू श्याम जी में रोज़ कितनी आरती होती हैं?

रोज़ पाँच आरती होती हैं: मंगला (5:30), श्रृंगार (8:00), भोग (12:30), संध्या (6:30) और शयन (9:00)।

क्या दर्शन के लिए कोई शुल्क है?

नहीं, सामान्य दर्शन निःशुल्क है।

जयपुर से खाटू का रास्ता फाल्गुन मेला गाइड (English)